Questions
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Q1 • DESCRIPTIVE • 4 marks
शीतयुद्ध से आप क्या समझते हैं?
Answer
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद दो महाशक्तियों – संयुक्त राज्य अमेरिका और सोवियत संघ – के बीच वैचारिक, राजनीतिक और सैन्य प्रतिस्पर्धा को शीतयुद्ध कहा जाता है। इसमें प्रत्यक्ष युद्ध नहीं हुआ, बल्कि तनाव, हथियारों की होड़ और गुटबंदी रही।
Explanation
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद दो महाशक्तियों – संयुक्त राज्य अमेरिका और सोवियत संघ – के बीच वैचारिक, राजनीतिक और सैन्य प्रतिस्पर्धा को शीतयुद्ध कहा जाता है। इसमें प्रत्यक्ष युद्ध नहीं हुआ, बल्कि तनाव, हथियारों की होड़ और गुटबंदी रही।
Q2 • DESCRIPTIVE • 4 marks
गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM) क्या था?
Answer
गुटनिरपेक्ष आंदोलन उन देशों का समूह था जो अमेरिका और सोवियत गुट से अलग रहकर स्वतंत्र विदेश नीति अपनाना चाहते थे। इसके प्रमुख नेता थे – जवाहरलाल नेहरू, जोसेफ ब्रोज़ टीटो और गमाल अब्देल नासिर।
Explanation
गुटनिरपेक्ष आंदोलन उन देशों का समूह था जो अमेरिका और सोवियत गुट से अलग रहकर स्वतंत्र विदेश नीति अपनाना चाहते थे। इसके प्रमुख नेता थे – जवाहरलाल नेहरू, जोसेफ ब्रोज़ टीटो और गमाल अब्देल नासिर।
Q3 • DESCRIPTIVE • 4 marks
क्यूबा मिसाइल संकट क्या था?
Answer
1962 में क्यूबा में सोवियत संघ द्वारा मिसाइलें तैनात करने पर अमेरिका और सोवियत संघ के बीच गंभीर टकराव हुआ। इसे क्यूबा मिसाइल संकट कहा जाता है। यह शीतयुद्ध का सबसे खतरनाक क्षण था।
Explanation
1962 में क्यूबा में सोवियत संघ द्वारा मिसाइलें तैनात करने पर अमेरिका और सोवियत संघ के बीच गंभीर टकराव हुआ। इसे क्यूबा मिसाइल संकट कहा जाता है। यह शीतयुद्ध का सबसे खतरनाक क्षण था।
Q4 • DESCRIPTIVE • 4 marks
शीतयुद्ध के प्रमुख कारणों की व्याख्या कीजिए।
Answer
1 पूंजीवाद (अमेरिका) और साम्यवाद (सोवियत संघ) की वैचारिक भिन्नता। 2. द्वितीय विश्व युद्ध के बाद शक्ति संतुलन में बदलाव। 3. परमाणु हथियारों की होड़। 4. यूरोप का विभाजन (पूर्वी और पश्चिमी गुट)।
Explanation
1 पूंजीवाद (अमेरिका) और साम्यवाद (सोवियत संघ) की वैचारिक भिन्नता। 2. द्वितीय विश्व युद्ध के बाद शक्ति संतुलन में बदलाव। 3. परमाणु हथियारों की होड़। 4. यूरोप का विभाजन (पूर्वी और पश्चिमी गुट)।
Q5 • DESCRIPTIVE • 4 marks
सैन्य गुटों का गठन क्यों हुआ? उदाहरण दीजिए।
Answer
महाशक्तियों ने अपने प्रभाव क्षेत्र को बढ़ाने और सुरक्षा के लिए सैन्य गुट बनाए। नाटो – अमेरिका के नेतृत्व में। वारसा संधि – सोवियत संघ के नेतृत्व में। इन गुटों ने विश्व को दो ध्रुवों में बाँट दिया।
Explanation
महाशक्तियों ने अपने प्रभाव क्षेत्र को बढ़ाने और सुरक्षा के लिए सैन्य गुट बनाए। नाटो – अमेरिका के नेतृत्व में। वारसा संधि – सोवियत संघ के नेतृत्व में। इन गुटों ने विश्व को दो ध्रुवों में बाँट दिया।
Q6 • DESCRIPTIVE • 4 marks
शीतयुद्ध के प्रभावों की चर्चा कीजिए।
Answer
(1) विश्व का ध्रुवीकरण:- विश्व दो गुटों में बँट गया – अमेरिकी गुट और सोवियत गुट। (2) हथियारों की दौड़:-परमाणु हथियारों और मिसाइलों की होड़ बढ़ी। (3) तीसरी दुनिया के देशों पर प्रभाव:- एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के देशों में महाशक्तियों का हस्तक्षेप बढ़ा। (4) गुटनिरपेक्ष आंदोलन का उदय:- कई देशों ने स्वतंत्र नीति अपनाई। (5) अंत:- 1991 में सोवियत संघ के विघटन के साथ शीतयुद्ध समाप्त हो गया।
Explanation
(1) विश्व का ध्रुवीकरण:- विश्व दो गुटों में बँट गया – अमेरिकी गुट और सोवियत गुट। (2) हथियारों की दौड़:-परमाणु हथियारों और मिसाइलों की होड़ बढ़ी। (3) तीसरी दुनिया के देशों पर प्रभाव:- एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के देशों में महाशक्तियों का हस्तक्षेप बढ़ा। (4) गुटनिरपेक्ष आंदोलन का उदय:- कई देशों ने स्वतंत्र नीति अपनाई। (5) अंत:- 1991 में सोवियत संघ के विघटन के साथ शीतयुद्ध समाप्त हो गया।